गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप, रास्ते में हुआ प्रसव, नवजात बच्ची मृत पैदा हुई

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पुरानी रंजिश में घर में घुसकर हमला करने का आरोप, पेट में लात-घूंसे मारने से बिगड़ी हालत; 
पुलिस ने दर्ज किया मामला, मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अतुल जैन 
खनियांधाना। बामौरकला थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगा से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक गर्भवती महिला के साथ कथित रूप से घर में घुसकर मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि मारपीट के दौरान महिला के पेट में भी लात-घूंसे मारे गए, जिससे उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद जब उसे पिछोर अस्पताल रेफर किया गया, तो रास्ते में ही प्रसव हो गया, लेकिन नवजात बच्ची मृत अवस्था में पैदा हुई। इस घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।


बामौरकला थाना पुलिस के अनुसार ग्राम डोंगा निवासी वीरपाल यादव (40 वर्ष) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 13 जुलाई की शाम करीब 6 बजे वह अपनी भैंसों की तलाश में गांव के पठार की ओर गया हुआ था। उस समय घर पर उसकी पत्नी नंदकुंवर बाई यादव (35 वर्ष), जो गर्भवती थीं, और उनकी बेटियां मौजूद थीं।

वीरपाल यादव के अनुसार जब वह रात करीब 10 बजे घर लौटा, तब उसकी बेटी मनीषा यादव ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे गांव के अंकेश यादव एवं गोलू यादव, दोनों पुत्र कृष्णभान यादव, उनके घर आए और पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करने लगे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब नंदकुंवर बाई ने दोनों आरोपियों को गाली-गलौज करने से रोका और विरोध किया, तो दोनों ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान महिला के पेट पर भी कई वार किए गए, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद दोनों आरोपी जाते-जाते धमकी देकर गए कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो पूरे परिवार को जान से खत्म कर देंगे

मारपीट के बाद गर्भवती महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उसे सरकारी अस्पताल खनियाधाना लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पिछोर अस्पताल रेफर कर दिया।

परिजनों के अनुसार जब महिला को एंबुलेंस/वाहन से पिछोर अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसे तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही वाहन में उसका प्रसव हो गया। परिवार का कहना है कि जन्म लेते ही बच्ची मृत अवस्था में थी। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।

वर्तमान में नंदकुंवर बाई का उपचार पिछोर अस्पताल में जारी है और चिकित्सक उनकी निगरानी कर रहे हैं। घटना के बाद वीरपाल यादव मृत नवजात बच्ची के शव को लेकर बामौरकला थाने पहुंचा और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

(पुलिस बोली- जांच के बाद स्पष्ट होगा मृत्यु का कारण)

बामौरकला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। नवजात बच्ची की मृत्यु का वास्तविक कारण चिकित्सकीय परीक्षण, मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम (यदि कराया जाता है) तथा अन्य वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि मारपीट के कारण गर्भवती महिला और नवजात की मृत्यु के बीच सीधा संबंध है, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में संबंधित धाराओं के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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