प्राध्यापक संघ ने चेताया: मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 जुलाई से होगा चरणबद्ध आंदोलन

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सह संपादक अनिल चौधरी 
इंदौर6। शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ की साधारण सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर से आए लगभग 200 प्राध्यापकों ने भाग लिया तथा शिक्षकों की विभिन्न लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में प्रमुख रूप से वर्ष 2004 एवं 2005 में नियुक्त बैकलॉग सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि नियुक्ति तिथि से दो वर्ष पूर्ण होने के पश्चात समाप्त मानते हुए उन्हें कैरियर पदोन्नति का लाभ देने, क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को शिक्षक पदनाम तथा पे-मैट्रिक्स लेवल-14 का लाभ प्रदान करने, वर्ष 2017 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को समय पर कैरियर प्रोन्नति देने तथा वर्ष 2003, 2011 एवं 2017 की चयन प्रक्रियाओं से संबंधित शेष परीक्षाओं को शीघ्र पूर्ण करने की मांग उठाई गई।
इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्त शिक्षकों के समस्त स्वत्वों एवं देयकों का शीघ्र भुगतान करने तथा सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक तीन माह में परामर्शदात्री समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग भी की गई।
सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उक्त मांगों के निराकरण हेतु राज्य शासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 30 जून 2026 तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश के महाविद्यालयीन शिक्षक 1 जुलाई 2026 से चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ करेंगे।
आंदोलन के प्रथम चरण में 1 जुलाई से 15 जुलाई तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार करने एवं उसके प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तरीय संघर्ष समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने विभागीय निष्क्रियता, लंबित प्रकरणों एवं प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं होने से पूरे प्रदेश में रोष व्याप्त है, जिसके कारण अब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है।
बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष आनंद शर्मा, संरक्षक प्रो. के.सी. त्यागी, इंदौर संभाग अध्यक्ष डॉ. मंजू शर्मा, डॉ. जी.आर. मोरे, डॉ. अशोक बरुआ, डॉ. संदीप गोहर, डॉ. पुष्पा मकवाना, डॉ. सीमावती सिसोदिया, डॉ. हेमा यादव, डॉ. यशवंत निंगवाल, डॉ. राजेंद्र कोचले, डॉ. मुकेश कुमार बड़ोले, डॉ. प्रकाश मोरे सहित प्रदेशभर से आए लगभग 200 प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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