दवाइयों व स्वास्थ्य सामग्री की खरीदी पर उठे सवाल, सीएमएचओ सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग
रणजीत टाईम्स शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव
कलेक्टर को शिकायत सौंपकर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और गोपनीय कार्यालय संचालन के लगाए आरोप
शिवपुरी। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय ऋषिश्वर एक बार फिर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। इस बार उन पर दवाइयों एवं अन्य स्वास्थ्य सामग्री की खरीदी में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर आवेदक ओम प्रकाश ने 26 जून को कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है।
शिकायत में सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर के साथ नेत्र सहायक नवल सिंह चौहान एवं एएसओ आई.पी. गोयल के नाम भी शामिल हैं। आरोप है कि तीनों ने मिलकर गोपनीय कार्यालय का संचालन किया, विभिन्न खरीदी शाखाओं का एकीकरण कर खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं तथा आयुष्मान आरोग्य केंद्रों पर आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की।
शिकायतकर्ता का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया, जिससे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। ऐसे में नई शिकायत के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर कराता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

