सोनिया गांधी का बड़ा आरोप: पेपर लीक और शिक्षा में गिरावट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कायरता और क्रूरता से जवाब दे रही सरकार
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। 'द हिंदू' अखबार में प्रकाशित अपने लेख 'एन एजुकेशन सिस्टम्स कोलैप्स, यंग इंडियाज ट्रॉमा' में सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जवाबदेही और शिक्षा सुधार की मांग करने वाले छात्रों को भविष्य का हकदार मानने के बजाय 'देश का दुश्मन' समझ रही है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनके साहस का जवाब कायरता और क्रूरता से दे रही है।
सोनिया गांधी ने आगे लिखा कि देश भर में परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में आ रही गिरावट के खिलाफ छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगें बहुत स्पष्ट हैं- सरकार अपनी जवाबदेही तय करे और शिक्षा में सुधार लाए। 20 जुलाई 2026 का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का हिंसक इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि इस हिंसा में कई निर्दोष छात्र घायल हुए। गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि पैलेट के इस्तेमाल को जरूर उनकी मंजूरी मिली होगी। उन्होंने कहा इस सरकार में हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। 2020 में सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों के दौरान भी पुलिस यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसी थी और महिला पहलवानों के साथ भी बदसलूकी की गई थी।
साभार अमर उजाला

