सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: दिल्ली में हटाए जाएं बैरिकेड्स, सामान्य रहे मेट्रो संचालन और बहाल हो इंटरनेट

  • Share on :

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर कई याचिकाओँ पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पुलिस दिल्ली में लोगों को आने-जाने से नहीं रोका जा सकता है। सप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि जब तक कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती नहीं खड़ी होती मेट्रो का संचालन सामान्य तरीके से होना चाहिए। इसके साथ इंटरनेट बहाल किया जाए और वकीलों को उनके काम से रोका नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को पूरे शहर से बैरिकेडिंग हटाने का आदेश दिया है और कहा है कि इसकी समीक्षा की जाएगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि शनिवार को कुल 303 मेट्रो स्टेशनों में से 45 स्टेशन ही बंद किए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल फाइल करके कहा गया था कि जनपथ और कर्तव्य पथ के आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद करने को लेकर न्यायिक समीक्षा होनी चाहिए। हम इस विषय पर बात करना चाहेंगे। पुलिस जो कुछ कर रही है वह किस तरह से आर्टिकल 19 और 21 के अनुरूप है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों की डीटेल नक्शे पर दिखाएं। बेंच ने कहा कि इससे पता चलेगा कि मेट्रो स्टेशन बंद रहने से लोगों पर कितना प्रभाव पड़ा।
सुनवाई के दौरान सीनियर वकील शहदान फरासत ने कहा कि वकीलों को भी घसीटकर बस में भरा गया और फिर दूर जाकर फेंक दिया गया। एक अन्य वकील ने लोगों के आने जाने को लेकर चिंता जताई। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकीलों को उनका काम करने से रोका नहीं जा सकता है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper