सहजयोग ध्यान ‘ममकार’ से मुक्ति और आत्मज्ञान का सूक्ष्म मार्ग प्रदान करता है
“धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर...
योग का शाब्दिक अर्थ होता है जोड़ना या मिलना। कालांतर में अनेक प्रसिद्ध व अप्रसिद्ध योगों का प्रादुर्भाव हुआ, परंतु मनुष्य योग क्यों और किससे करना चाहता है? यह एक यक्ष प्रश्न है। वास्तव में भौतिक संस...
Read more— रणजीत टाइम्स विशेष स्तंभ बारिश हो... और हम छत की खोज में भागते रहें?नहीं! इस बार रुकिए, ज़रा भीगिए...क्योंकि बारिश सिर्फ मौसम नहीं लाती, वो यादें, ख्वाब और जिंदगी के बंद पड़े दरवाज़े खोलती है। बारिश...
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