Category : Dharm

ईश्वर से एकाकारिता की आकांक्षा ही धर्म है

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जीवन में सुख और संघर्ष दोनों ही स्वाभाविक हैं। कठिन परिस्थितियों में अधिकांश लोग ईश्वर का स्मरण करते हैं, किंतु वास्तविक आध्यात्मिकता तब प्रकट होती है जब व्यक्ति सुख और संतोष के क्षणों में भी परमात्मा...

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अनहद (हृदय) चक्र : निस्वार्थ प्रेम, निर्भयता और आत्मविश्वास का केंद्र

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मानव के सूक्ष्म शरीर में स्थित सात प्रमुख चक्रों में चौथा चक्र अनहद या हृदय चक्र कहलाता है। यह उरोस्थि (स्टर्नम) के पीछे, मेरूरज्जु के स्तर पर स्थित है तथा इसकी बारह पंखुड़ियाँ मानी गई हैं। सहजयोग के ...

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