राजनीति

  • ट्रंप की इफ्तार पार्टी घिर गई विवादों में, गेस्ट लिस्ट देखकर भड़क गए अमेरिकन मुस्लिम

    नई दिल्ली. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर व्हाइट हाउस में पहली इफ्तार (Iftar) पार्टी की मेजबानी की. लेकिन ट्रंप की यह इफ्तार पार्टी विवादों में घिर गई है. अमेरिकी मुस्लिम इस इफ्तार डिनर पर भड़के हुए हैं.
    राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इफ्तार डिनर की मेजबानी करते हुए कहा कि मैं आप सभी का व्हाइट हाउस के इफ्तार डिनर में स्वागत करता हूं. हम इस्लाम के पवित्र महीने रमजान का जश्न मना रहे हैं. यह बहुत बेहतरीन महीना है. दुनियाभर के मुस्लिमों को रमजान मुबारक. हम दुनिया के बेहतरीन धर्मों में से एक धर्म का सम्मान करते हैं. 
    उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने के दौरान मुस्लिम सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं. खुदा की इबादत करते हैं. इसके बाद पूरी दुनिया के मुसलमान हर रात परिवारों और दोस्तों के साथ एकजुट होकर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और इफ्तार करते हैं. हम सभी पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं.
    ट्रंप ने कहा कि 2024 राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए मुस्लिम अमेरिकी समुदाय का आभार भी जताया. बता दें कि व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी आयोजित करने की दो दशक पुरानी परंपरा है. लेकिन आरोप हैं कि इस बार अमेरिकी मुस्लिम सांसदों और समुदाय से जुड़े नेताओं को इसमें शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया. इसके बजाए मुस्लिम देशों के विदेशी राजदूतों को इफ्तार डिनर में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था.
    व्हाइट हाउस के बाहर कई मुस्लिम सिविल राइट्स ग्रुप ने Not Trump's Iftar प्रोटेस्ट किया. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह डोनाल्ड ट्रंप का एक तरह का पाखंड है. वह एक तरफ देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर बैन लगाते हैं तो दूसरी तरफ इफ्तार पार्टी का आयोजन करते हैं.
    बता दें कि इससे पहले 2017 में ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस की इफ्तार पार्टी को रद्द कर दिया था. दरअसल 1996 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद के राष्ट्रपतियों जॉर्ज बुश और बराक ओबामा ने भी जारी रखा. इस इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्यों के साथ ही मुस्लिम देशों के राजनयिक और सीनेटर शामिल होते रहे हैं.  
    साभार आज तक

  • वक्फ बिल के खिलाफ पर्सनल लॉ बोर्ड ने जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की

    नई दिल्ली। मुस्लिमों की बड़ी संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रमजान के आखिरी जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की है। बोर्ड की ओर से देश के सारे मुसलमानों से कहा है कि वे वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ें। ऐसा इस बिल के विरोध के लिए किया जा रहा है। इस संबंध में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक वीडियो जारी किया है तो वहीं ट्वीट करके भी ऐसा करने के लिए कहा है। पिछले दिनों दिल्ली में भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर वक्फ बिल के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था।
    पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े कई मौलवियों ने अपील की है कि अलविदा नमाज में जाएं तो दाईं बांह पर काली पट्टी बांधकर रखें। नमाज के दौरान काली पट्टी बंधी हुई तस्वीरें भी खिंचवाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करें। इससे पहले इस बिल के खिलाफ आम मुसलमानों से राय दर्ज कराने का अभियान भी छेड़ा गया था। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी की ओर से एक लेटर भी इस संबंध में जारी हुआ है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और पटना में हुए मुसलमानों के जोरदार धरने से भाजपा की सहयोगी पार्टियों में हलचल मच गई है। अब 29 मार्च को विजयवाड़ा में भी एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है।
    उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल एक गहरी साजिश है। इसका साफ उद्देश्य यह है कि मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाहों, कब्रिस्तानों और अन्य धार्मिक एवें सामाजिक संस्थानों से बेदखल कर दिया जाए। अगर यह बिल पारित हो गया तो सैकड़ों मस्जिदें, ईदगाहें, मदरसे, कब्रिस्तान और अन्य चैरिटी संस्थाएं हमारे हाथ से निकल जाएंगी। इसलिए देश के हर मुसलमान की यह जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का पुरजोर विरोध करे। देश के तमाम मुसलमानों से बोर्ड अपील करता है कि वे जुमा-तुल-विदा के दिन अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं और अपने दुख एवं आक्रोश का शांतिपूर्ण मौन रखकर प्रदर्शन करें।
    साभार लाइव हिन्दुस्तान

  • NDA ने तय किया फॉर्मूला, बिहार में पार्टी नहीं कैंडिडेट के हिसाब से होगी सीट शेयरिंग

    बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए लगभग सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेताओं की सांसद संजय जायसवाल के घर एक बैठक हुई। इस बैठक में एनडीए के सभी सांसद शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की।
    जेपी नड्डा ने बैठक में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया, जो एनडीए के सभी सहयोगी दलों के लिए था। उन्होंने पार्टी के नेताओं से एकजुट रहने की अहमियत पर जोर दिया और बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन के टूटते रिश्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि एनडीए की एकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। नड्डा ने कहा, "हम एकजुट हैं तो हम जीत सकते हैं। यदि हम विभाजित होते हैं तो हम गिर सकते हैं। यदि हम एकजुट हैं तो हम आगामी चुनावों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर सकते हैं।"
    बुधवार की इस बैठक को राष्ट्रीय राजधानी में बिहार दिवस समारोहों के एक विस्तार के रूप में देखा जा सकता है। यह केंद्र सरकार की पहल थी, जिसमें बिहार की धरोहर, संस्कृति, भोजन और परंपरा को देश भर में सम्मानित किया गया। आपको बता दें कि बिहार के लोग देशभर में प्रवासी के रूप में फैले हुए हैं।
    आपको यह भी बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के वितरण पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन छोटे दल जैसे जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाला HAM और एलजेपी के चिराग पासवान ने अपनी मांगें उठाई हैं। इस बार सीटों का वितरण अलग तरीके से किया जाएगा।
    कैंडिडेट देखकर सीट शेयरिंग
    न्यूज-18 ने अपनी रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा, "हर बार हम सीटों को देखते हैं और गठबंधन सहयोगियों के बीच बांटते हैं। इस बार हम उम्मीदवारों को देखेंगे और हर एनडीए सहयोगी से कहा जाएगा कि वे हर सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची दें। जीतने की क्षमता ही अंतिम मानदंड होगी।"
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 और 30 मार्च को गोपालगंज में सहकारिता मंत्रालय की बैठक में शामिल होंगे और सभी पीएसी प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गठबंधन द्वारा एजेंडा की आधिकारिक शुरुआत होगा। 29 मार्च को शाह भाजपा नेताओं से एक आंतरिक बैठक करेंगे और अगले दिन एनडीए के सभी साझेदारों से मिलकर चुनावों से पहले साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे।
    साभार लाइव हिन्दुस्तान

  • डोनाल्ड ट्रंप का ने लगाया 25% 'ऑटो टैरिफ', कई दिग्गज भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा असर

    नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर बड़ा टैरिफ बम फोड़ दिया है. ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऐलान किया कि US में इंपोर्ट होने वाली सभी विदेशी कारों पर अब 25% टैरिफ लगाया जाएगा. सबसे बड़ी बात ये कि US President ने अपने बयान में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि ये कोई अस्थायी फैसला नहीं है, बल्कि स्थायी है. अमेरिका के इस फैसले से ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई दिग्गज भारतीय कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है. इसमें Tata Motors से लेकर Mahindra और Eicher Motors तक शामिल हैं. 
    राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑटो आयात पर 25 फीसदी का हाई टैरिफ लगाने का ऐलान करने के साथ ही कहा कि अमेरिका उन सभी कारों पर प्रभावी रूप से ये टैरिफ लगाएगा जो देश में नहीं बनी हैं. हालांकि, अगर आप अपनी कार अमेरिका में बनाते हैं तो उस पर कोई टैरिफ लागू नहीं होगा. नया टैरिफ 2 अप्रैल से लागू होने वाला है और इसकी वसूली भी अगले दिन ही यानी 3 अप्रैल से होनी शुरू हो जाएगी. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इस कदम से अमेरिकी ग्राहकों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं ट्रंप के इस फैसले से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर असर देखने को मिल सकता है. 
    गौरतलब है कि भारत से अमेरिका को कई तरह के वाहन निर्यात किए जाते हैं. भारत से अमेरिका को ऑटोमोबाइल, ट्रक, और मोटरसाइकिल निर्यात किए जाते हैं. इसमें टाटा मोटर्स से लेकर आयशर मोटर्स तक के वाहन शामिल हैं. साल 2023 में, भारत ने US को 37.14 मिलियन डॉलर वैल्यू के मोटर वाहन निर्यात किए गए थे. भारत अब तक विदेशों से आने वाली गाड़ियों पर 100 फीसदी से ज्यादा शुल्क वसूल करता रहा है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं. भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कारों की अगर बात करें, तो इनमें ज्यादातर Sedan और Hachback हैं. 
    साभार आज तक

     

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव को लेकर रातोरात किया बड़ा बदलाव, वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिकता होगी अनिवार्य

    नई दिल्ली.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में व्यापक बदलाव को लेकर कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस नए आदेश के साथ अब चुनाव में वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिकता अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि संघीय चुनाव में वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना जरूरी होगा. लेकिन इस दौरान ट्रंप ने भारत का उदाहरण दिया.
    ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में कहा कि अमेरिका स्वशासन वाला अग्रणी देश होने के बावजूद अमेरिकी चुनाव में बुनियादी और जरूरी सुरक्षा मुहैया कराने में असफल रहा है. उदाहरण के लिए भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए काफी हद तक सेल्फ अटेस्टेशन पर निर्भर है. 
    राष्ट्रपति ट्रंप के नए आदेश के तहत अमेरिका में वोटर रजिस्ट्रेश फॉर्म में संशोधन की बात की गई है. अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा, जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र. राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) को सौंपना होगा.
    ट्रंप के मुताबिक, इस आदेश का मकसद चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है. आदेश के तहत अब वोटर अब संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता के दस्तावेजी प्रमाण के बिना पंजीकरण नहीं करा सकेंगे और सभी मतपत्रों को चुनाव दिवस तक प्राप्त करना आवश्यक होगा. 
    साभार आज तक

  • पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई के छापे, महादेव बेटिंग ऐप घोटाले मामले में दबिश

    रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और भिलाई में सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.
    भूपेश बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अब CBI आई है. आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. उससे पहले ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है."
    महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.
    दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें. 
    पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था. 
    साभार आज तक

क्राइम

  • ओवर ब्रिज के लिए खोदे गए गड्ढों में फंसे वाहन

    दमोह। दमोह शहर के तीन गुल्ली चौराहे पर बन रहे ओवरब्रिज के काम बंद होने के बाद यहां बने गड्ढों में बुधवार सुबह से रात तक करीब आधा दर्जन वाहन फंस गए। इन वाहनों को बड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया। इसके बाद यातायात पुलिस ने रात में यहां बैरिकेडिंग करवाई और संकेतक लगाकर वाहन चालकों को दूर से ही सावधान करने का प्रयास किया।
    जानकारी के लिए बता दें कि तीन गुल्ली से मलैया मिल फाटक तक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया था, लेकिन हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद पिछले दो महीने से यह काम बंद है। पिछले कई दिनों तक ठेकेदार की सामग्री यहां पड़ी रही, लेकिन स्टे नहीं हटने की वजह से ठेकेदार अपनी सामग्री लेकर वहां से चला गया। इसके बावजूद, ओवरब्रिज के लिए खोदे गए बड़े-बड़े गड्ढे अभी भी तीन गुल्ली पर मौजूद हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    बुधवार की सुबह एक रोड रोलर इस गड्ढे में फंस गया। इसके बाद वाहनों के फंसने का सिलसिला शुरू हो गया। एक वाहन के निकलते ही दूसरा वाहन गड्ढे में फंस जाता था। देर रात यहां एक यात्री बस फंस गई, जिसे निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद यातायात प्रभारी दलबीर सिंह मार्को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जहां-जहां गड्ढे थे, वहां बैरिकेडिंग कराई और संकेतक लगाए, ताकि वाहन चालकों को कुछ दूरी से होकर निकलने की सूचना दी जा सके।
    साभार अमर उजाला
     

  • इंदौर एयरपोर्ट पर तीन तस्करों को पकड़ा, सोने को काले मोती, बेल्ट, कैप्सूल में बदल दिया

    इंदौर। इंदौर एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार रात इंदौर एयरपोर्ट पर तीन तस्करों को पकड़ा गया जिनके पास से 1.7 किग्रा वजन का 92 लाख रुपए का सोना मिला है। इन्होंने सोने को काले मोती, बेल्ट, कैप्सूल में बदल दिया था। इंदौर में सोने की तस्करी का यह पहला मामला है जिसमें सोने को इस तरह अन्य चीजों में बदला गया है। तीनों आरोपी दिल्ली, जयपुर और नागौर के रहने वाले हैं। 
    आरोपियों के पास से मिली एक भी चीज सुनहरे रंग की नहीं थी। उन्होंने सोने की नई चीजें बनाई और सबका रंग बदल दिया। यह पहचानना भी मुश्किल था कि यह चीजें सोने की हैं। इनके पास से दो चेन, एक काले मोतियों के आकार का कड़ा, एक बेल्ट का बक्कल, दो कड़े, दो कैप्सूल और एक अंगूठी जब्त की गई। 
    पकड़े गए आरोपियों में से एक ने मलद्वार से सोने के कैप्सूल को शरीर के अंदर छुपा लिया था। एक व्यक्ति के पास से सोने का एक काले मोती वाला कड़ा और चांदी की पॉलिश चढ़ी एक मोटी सोने की अंगूठी पकड़ी। एक के पास से सोने के बेल्ट का बक्कल, एक कड़ा और एक चेन पकड़ी गई है। इन्होंने सभी सोने की चीजों पर चांदी या रोडियम की पॉलिश कर दी थी। 
    पकड़ाए गए तीनों आरोपी वाहक के रूप में काम करते हैं। इनके पीछे कई अन्य लोग हैं जो इनसे सोना बुलाते हैं और फिर बाजार में इसे बेचते हैं। अब कस्टम्स विभाग इन तीनों से पूछताछ कर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। 
    साभार अमर उजाला

  • टक्कर के बाद झगड़ा, मारपीट

    इंदौर। तेज गति से जा रहे आटो रिक्शा ने दूसरे आटो रिक्शा को टक्कर मार दी। इसे लेकर विवाद में एक पक्ष ने दूसरे के साथ मारपीट कर दी।
    खजराना पुलिस ने बताया कि हादसा और मारपीट की घटना सुहाना जायका होटल के सामने हुई। अल्फेज पिता आबिद अली निवासी न्यू हीना कालोनी की रिपोर्ट पर पुलिस ने ई रिक्शा क्रमांक एमपी 09 जेडटी 4501 के चालक और उसके साथी पर केस दर्ज किया है। फरियादी ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त की रिक्शा से शादी पार्टी के आर्डर से वापस आ रहा था। तभी रास्ते में उसके दोस्त का आटो रिक्शा दूसरे आटो रिक्शा से टकरा गया। इस बात को लेकर आरोपी आटो रिक्शा चालक ने उसके साथी को गाली गलौज की और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
    यहां पर भी वाहन चालकों में विवाद
    चंदननगर इलाके में धार रोड पर डी मार्ट के पास भी वाहन चालकों में विवाद हो गया। पुलिस ने बताया कि साजिद पिता मोहम्मद शकुर निवासी लोहा गेट 12 वीं गली की रिपोर्ट पर आरोपी सौरभ उर्फ कान्हा निवासी पंचमूर्ति नगर और विकास चौधरी पर केस दर्ज किया गया। साजिद ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने मुझे गाड़ी सही से चलाने की बात पर विवाद किया और गालियां दी। गालियां देने से मना किया तो आरोपियों ने हाथ थप्पड से मारपीट की और गाड़ी के कांच खोलकर चेहरे और सिर में मार दिया। जान से मारने की धमकी भी दी।

  • देवी मंदिर में एक परिवार हुआ हादसे का शिकार, झूले पर करंट आने से 14 साल की बच्ची की गई जान, कई बचे

    इंदौर। नवरात्रि में दर्शन के लिए बिजासन मंदिर गया एक परिवार हादसे का शिकार हो गया। यहां पर लगे मेले में झूले पर करंट आने से 14 साल की एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। 8 साल के बेटे को पिता ने बचा लिया। झूले पर कई अन्य लोगों को भी करंट लगा। 
    एरोड्रम पुलिस ने बताया कि घटना रविवार रात करीब 12 बजे की है। यहां 14 साल की कनक रनवासी अपने 8 साल के भाई नयन के साथ झूला झूल रही थी। यह परिवार हातोद का रहने वाला है। झूला रुकते ही कनक नीचे उतरी तो प्लेटफार्म पर उसे करंट का झटका लगा। वह मदद के लिए चिल्लाई तो भाई ने बहन तो पकड़ लिया। भाई भी करंट की चपेट में आ गया। पिता ने जैसे ही बेटे को पकड़ा तो उन्हें भी करंट लगा। इस पर उन्होंने तुरंत बेटे को अपनी तरफ खींच लिया। तब तक कनक बेहोश हो गई थी। लोगों ने बताया कि कनक ने चप्पल नहीं पहनी थी। माता पिता ने बेहोश कनक को उठाने की कोशिश की लेकिन वह जवाब नहीं दे पा रही थी। इस पर माता पिता उसे पास के अस्पताल ले गए जहां से उसे एमवाय ले जाने की सलाह दी गई। देर रात करीब एक बजे के बच्ची को यहां मृत घोषित कर दिया गया। 
    मेले में मौजूद लोगों ने बताया कि बच्ची को करंट लगने के दौरान आसपास के कई लोगों को करंट लगा। नवरात्र के शुरूआत से ही यहां पर भारी भीड़ थी और प्रशासन ने यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए थे। इसके बावजूद यहां पर हादसा हो गया। कनक 10वी कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। वहीं बेटा नयन भी तीसरी क्लास का स्टूडेंट है। परिवार ने बताया कि भीड़ होने के चलते उन्हें पुलिस की मदद भी समय पर नहीं मिल पाई। 
    साभार अमर उजाला

  • ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही कर, क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा कराये आवेदक के 34 लाख 79 हजार 720 रूपये रिफंड

    • आवेदक द्वारा फेसबुक पर फर्जी ऐड देखकर हुआ था, ठग से संपर्क।
    • ठग द्वारा आवेदक को माल की डिलेवरी देने के लिए एडवांस पेमेंट के रूप में रुपए प्राप्त कर किया था ऑनलाइन फ्रॉड ।
    • इंदौर क्राईम ब्रांच के द्वारा वर्ष 2023 में कुल 02 करोड़ 44 लाख 32 हजार 820  रुपए, आवेदकों के कराए गए है सकुशल वापस ।
    • क्राईम ब्रांच इंदौर द्वारा संचालित Cyber Helpline No. 704912-4445  पर प्राप्त शिकायतों में लगातार त्वरित कार्यवाही कर कराए जा रहे रिफंड 

    इंदौर। क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस के द्वारा संचालित सायबर हेल्पलाइन पोर्टल पर सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन फ्रॉड संबंधित शिकायते प्राप्त होती है, जिस पर क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस के द्वारा लगातार आवेदकों के साथ हुए फ्रॉड की राशि रिफंड कराई जा रही है। इसी अनुक्रम में आवेदक सागर के द्वारा cyber helpline पर ऑनलाइन फ्रॉड संबंधित शिकायत की गई थी जिसमे क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा आवेदक से फ्राड की संपूर्ण जानकारी लेकर जांच की जिसमे ज्ञात हुआ कि आवेदक सागर निवासी महू जिनका एल्यूमीनियम स्क्रैप का कार्य है के द्वारा facebook सोशल मीडिया पर सस्ते में एल्यूमीनियम स्क्रैप माल का ऐड देखा और ऐड में दिखाए गए नंबर पर संपर्क करते ठग व्यक्ति से संपर्क हुआ, ठग द्वारा जूठे विश्वास में लेकर आवेदक से एडवांस पेमेंट करने का बोला गया, आवेदक को ट्रांसपोर्ट में स्क्रैप मैटेरियल लोड करने का वीडियो भेजा जिसपर आवेदक के द्वारा विश्वास करते हुए अपने HDFC bank से ठग व्यक्ति के खाते में 34,79,820 रू ऑनलाइन ट्रांसफर किए, ठग द्वारा आवेदक से प्राप्त रुपए को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करते हुए ठगी को अंजाम दिया गया।
     जिस पर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा संबंधित बैंक से संपर्क कर आवेदक के 34,79,820/– रुपए सकुशल वापस कराए गए।

    क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस के द्वारा वर्ष 2023(जनवरी से अगस्त तक) में ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों में 02 करोड़ 44 लाख 32 हजार 782  रुपए आवेदकों के सकुशल रिफंड कराए गए है।
     आमजन को सूचित किया जाता है की सोशल मीडिया (facebook, Instagram, Twitter, YouTube आदि) पर दिखाए गए किसी भी आकर्षक ऐड पर जल्दबाजी में भरोसा न करे, विश्वसनीयता की पूर्णरूप से जांच किए बिना कभी भी अपनी निजी एवं बैंकिंग संबंधित जानकारी किसी को न देवें अन्यथा आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते हो। और इस तरह के फ्रॉड होने पर अपने नजीदीकी थाने एवं क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस द्वारा संचालित सायबर हेल्पलाइन न. 7049124445 पर सूचित करें।

  • अमेरिकी संसद में बांग्लादेश नरसंहार को लेकर पाकिस्तान के...

    अमेरिकी संसद में बांग्लादेश नरसंहार को लेकर पाकिस्तान के...अमेरिकी संसद में बांग्लादेश नरसंहार को लेकर पाकिस्तान के...

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स्पोर्ट्स

  • ट्रंप की इफ्तार पार्टी घिर गई विवादों में, गेस्ट लिस्ट देखकर भड़क गए अमेरिकन मुस्लिम

    नई दिल्ली. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर व्हाइट हाउस में पहली इफ्तार (Iftar) पार्टी की मेजबानी की. लेकिन ट्रंप की यह इफ्तार पार्टी विवादों में घिर गई है. अमेरिकी मुस्लिम इस इफ्तार डिनर पर भड़के हुए हैं.
    राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इफ्तार डिनर की मेजबानी करते हुए कहा कि मैं आप सभी का व्हाइट हाउस के इफ्तार डिनर में स्वागत करता हूं. हम इस्लाम के पवित्र महीने रमजान का जश्न मना रहे हैं. यह बहुत बेहतरीन महीना है. दुनियाभर के मुस्लिमों को रमजान मुबारक. हम दुनिया के बेहतरीन धर्मों में से एक धर्म का सम्मान करते हैं. 
    उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने के दौरान मुस्लिम सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं. खुदा की इबादत करते हैं. इसके बाद पूरी दुनिया के मुसलमान हर रात परिवारों और दोस्तों के साथ एकजुट होकर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और इफ्तार करते हैं. हम सभी पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं.
    ट्रंप ने कहा कि 2024 राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए मुस्लिम अमेरिकी समुदाय का आभार भी जताया. बता दें कि व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी आयोजित करने की दो दशक पुरानी परंपरा है. लेकिन आरोप हैं कि इस बार अमेरिकी मुस्लिम सांसदों और समुदाय से जुड़े नेताओं को इसमें शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया. इसके बजाए मुस्लिम देशों के विदेशी राजदूतों को इफ्तार डिनर में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था.
    व्हाइट हाउस के बाहर कई मुस्लिम सिविल राइट्स ग्रुप ने Not Trump's Iftar प्रोटेस्ट किया. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह डोनाल्ड ट्रंप का एक तरह का पाखंड है. वह एक तरफ देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर बैन लगाते हैं तो दूसरी तरफ इफ्तार पार्टी का आयोजन करते हैं.
    बता दें कि इससे पहले 2017 में ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस की इफ्तार पार्टी को रद्द कर दिया था. दरअसल 1996 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद के राष्ट्रपतियों जॉर्ज बुश और बराक ओबामा ने भी जारी रखा. इस इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्यों के साथ ही मुस्लिम देशों के राजनयिक और सीनेटर शामिल होते रहे हैं.  
    साभार आज तक

  • वक्फ बिल के खिलाफ पर्सनल लॉ बोर्ड ने जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की

    नई दिल्ली। मुस्लिमों की बड़ी संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रमजान के आखिरी जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की है। बोर्ड की ओर से देश के सारे मुसलमानों से कहा है कि वे वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ें। ऐसा इस बिल के विरोध के लिए किया जा रहा है। इस संबंध में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक वीडियो जारी किया है तो वहीं ट्वीट करके भी ऐसा करने के लिए कहा है। पिछले दिनों दिल्ली में भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर वक्फ बिल के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था।
    पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े कई मौलवियों ने अपील की है कि अलविदा नमाज में जाएं तो दाईं बांह पर काली पट्टी बांधकर रखें। नमाज के दौरान काली पट्टी बंधी हुई तस्वीरें भी खिंचवाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करें। इससे पहले इस बिल के खिलाफ आम मुसलमानों से राय दर्ज कराने का अभियान भी छेड़ा गया था। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी की ओर से एक लेटर भी इस संबंध में जारी हुआ है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और पटना में हुए मुसलमानों के जोरदार धरने से भाजपा की सहयोगी पार्टियों में हलचल मच गई है। अब 29 मार्च को विजयवाड़ा में भी एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है।
    उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल एक गहरी साजिश है। इसका साफ उद्देश्य यह है कि मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाहों, कब्रिस्तानों और अन्य धार्मिक एवें सामाजिक संस्थानों से बेदखल कर दिया जाए। अगर यह बिल पारित हो गया तो सैकड़ों मस्जिदें, ईदगाहें, मदरसे, कब्रिस्तान और अन्य चैरिटी संस्थाएं हमारे हाथ से निकल जाएंगी। इसलिए देश के हर मुसलमान की यह जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का पुरजोर विरोध करे। देश के तमाम मुसलमानों से बोर्ड अपील करता है कि वे जुमा-तुल-विदा के दिन अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं और अपने दुख एवं आक्रोश का शांतिपूर्ण मौन रखकर प्रदर्शन करें।
    साभार लाइव हिन्दुस्तान

  • NDA ने तय किया फॉर्मूला, बिहार में पार्टी नहीं कैंडिडेट के हिसाब से होगी सीट शेयरिंग

    बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए लगभग सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेताओं की सांसद संजय जायसवाल के घर एक बैठक हुई। इस बैठक में एनडीए के सभी सांसद शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की।
    जेपी नड्डा ने बैठक में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया, जो एनडीए के सभी सहयोगी दलों के लिए था। उन्होंने पार्टी के नेताओं से एकजुट रहने की अहमियत पर जोर दिया और बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन के टूटते रिश्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि एनडीए की एकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। नड्डा ने कहा, "हम एकजुट हैं तो हम जीत सकते हैं। यदि हम विभाजित होते हैं तो हम गिर सकते हैं। यदि हम एकजुट हैं तो हम आगामी चुनावों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर सकते हैं।"
    बुधवार की इस बैठक को राष्ट्रीय राजधानी में बिहार दिवस समारोहों के एक विस्तार के रूप में देखा जा सकता है। यह केंद्र सरकार की पहल थी, जिसमें बिहार की धरोहर, संस्कृति, भोजन और परंपरा को देश भर में सम्मानित किया गया। आपको बता दें कि बिहार के लोग देशभर में प्रवासी के रूप में फैले हुए हैं।
    आपको यह भी बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के वितरण पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन छोटे दल जैसे जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाला HAM और एलजेपी के चिराग पासवान ने अपनी मांगें उठाई हैं। इस बार सीटों का वितरण अलग तरीके से किया जाएगा।
    कैंडिडेट देखकर सीट शेयरिंग
    न्यूज-18 ने अपनी रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा, "हर बार हम सीटों को देखते हैं और गठबंधन सहयोगियों के बीच बांटते हैं। इस बार हम उम्मीदवारों को देखेंगे और हर एनडीए सहयोगी से कहा जाएगा कि वे हर सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची दें। जीतने की क्षमता ही अंतिम मानदंड होगी।"
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 और 30 मार्च को गोपालगंज में सहकारिता मंत्रालय की बैठक में शामिल होंगे और सभी पीएसी प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गठबंधन द्वारा एजेंडा की आधिकारिक शुरुआत होगा। 29 मार्च को शाह भाजपा नेताओं से एक आंतरिक बैठक करेंगे और अगले दिन एनडीए के सभी साझेदारों से मिलकर चुनावों से पहले साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे।
    साभार लाइव हिन्दुस्तान

  • डोनाल्ड ट्रंप का ने लगाया 25% 'ऑटो टैरिफ', कई दिग्गज भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा असर

    नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर बड़ा टैरिफ बम फोड़ दिया है. ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऐलान किया कि US में इंपोर्ट होने वाली सभी विदेशी कारों पर अब 25% टैरिफ लगाया जाएगा. सबसे बड़ी बात ये कि US President ने अपने बयान में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि ये कोई अस्थायी फैसला नहीं है, बल्कि स्थायी है. अमेरिका के इस फैसले से ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई दिग्गज भारतीय कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है. इसमें Tata Motors से लेकर Mahindra और Eicher Motors तक शामिल हैं. 
    राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑटो आयात पर 25 फीसदी का हाई टैरिफ लगाने का ऐलान करने के साथ ही कहा कि अमेरिका उन सभी कारों पर प्रभावी रूप से ये टैरिफ लगाएगा जो देश में नहीं बनी हैं. हालांकि, अगर आप अपनी कार अमेरिका में बनाते हैं तो उस पर कोई टैरिफ लागू नहीं होगा. नया टैरिफ 2 अप्रैल से लागू होने वाला है और इसकी वसूली भी अगले दिन ही यानी 3 अप्रैल से होनी शुरू हो जाएगी. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इस कदम से अमेरिकी ग्राहकों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं ट्रंप के इस फैसले से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर असर देखने को मिल सकता है. 
    गौरतलब है कि भारत से अमेरिका को कई तरह के वाहन निर्यात किए जाते हैं. भारत से अमेरिका को ऑटोमोबाइल, ट्रक, और मोटरसाइकिल निर्यात किए जाते हैं. इसमें टाटा मोटर्स से लेकर आयशर मोटर्स तक के वाहन शामिल हैं. साल 2023 में, भारत ने US को 37.14 मिलियन डॉलर वैल्यू के मोटर वाहन निर्यात किए गए थे. भारत अब तक विदेशों से आने वाली गाड़ियों पर 100 फीसदी से ज्यादा शुल्क वसूल करता रहा है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं. भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कारों की अगर बात करें, तो इनमें ज्यादातर Sedan और Hachback हैं. 
    साभार आज तक

     

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव को लेकर रातोरात किया बड़ा बदलाव, वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिकता होगी अनिवार्य

    नई दिल्ली.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में व्यापक बदलाव को लेकर कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस नए आदेश के साथ अब चुनाव में वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिकता अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि संघीय चुनाव में वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना जरूरी होगा. लेकिन इस दौरान ट्रंप ने भारत का उदाहरण दिया.
    ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में कहा कि अमेरिका स्वशासन वाला अग्रणी देश होने के बावजूद अमेरिकी चुनाव में बुनियादी और जरूरी सुरक्षा मुहैया कराने में असफल रहा है. उदाहरण के लिए भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए काफी हद तक सेल्फ अटेस्टेशन पर निर्भर है. 
    राष्ट्रपति ट्रंप के नए आदेश के तहत अमेरिका में वोटर रजिस्ट्रेश फॉर्म में संशोधन की बात की गई है. अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा, जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र. राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) को सौंपना होगा.
    ट्रंप के मुताबिक, इस आदेश का मकसद चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है. आदेश के तहत अब वोटर अब संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता के दस्तावेजी प्रमाण के बिना पंजीकरण नहीं करा सकेंगे और सभी मतपत्रों को चुनाव दिवस तक प्राप्त करना आवश्यक होगा. 
    साभार आज तक

  • पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई के छापे, महादेव बेटिंग ऐप घोटाले मामले में दबिश

    रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और भिलाई में सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.
    भूपेश बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अब CBI आई है. आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. उससे पहले ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है."
    महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.
    दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें. 
    पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था. 
    साभार आज तक

एंटरटेनमेंट

  • ट्रंप की इफ्तार पार्टी घिर गई विवादों में, गेस्ट लिस्ट देखकर भड़क गए अमेरिकन मुस्लिम

    नई दिल्ली. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर व्हाइट हाउस में पहली इफ्तार (Iftar) पार्टी की मेजबानी की. लेकिन ट्रंप की यह इफ्तार पार्टी विवादों में घिर गई है. अमेरिकी मुस्लिम इस इफ्तार डिनर पर भड़के हुए हैं.
    राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इफ्तार डिनर की मेजबानी करते हुए कहा कि मैं आप सभी का व्हाइट हाउस के इफ्तार डिनर में स्वागत करता हूं. हम इस्लाम के पवित्र महीने रमजान का जश्न मना रहे हैं. यह बहुत बेहतरीन महीना है. दुनियाभर के मुस्लिमों को रमजान मुबारक. हम दुनिया के बेहतरीन धर्मों में से एक धर्म का सम्मान करते हैं. 
    उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने के दौरान मुस्लिम सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं. खुदा की इबादत करते हैं. इसके बाद पूरी दुनिया के मुसलमान हर रात परिवारों और दोस्तों के साथ एकजुट होकर ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और इफ्तार करते हैं. हम सभी पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं.
    ट्रंप ने कहा कि 2024 राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए मुस्लिम अमेरिकी समुदाय का आभार भी जताया. बता दें कि व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी आयोजित करने की दो दशक पुरानी परंपरा है. लेकिन आरोप हैं कि इस बार अमेरिकी मुस्लिम सांसदों और समुदाय से जुड़े नेताओं को इसमें शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया. इसके बजाए मुस्लिम देशों के विदेशी राजदूतों को इफ्तार डिनर में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था.
    व्हाइट हाउस के बाहर कई मुस्लिम सिविल राइट्स ग्रुप ने Not Trump's Iftar प्रोटेस्ट किया. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह डोनाल्ड ट्रंप का एक तरह का पाखंड है. वह एक तरफ देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर बैन लगाते हैं तो दूसरी तरफ इफ्तार पार्टी का आयोजन करते हैं.
    बता दें कि इससे पहले 2017 में ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस की इफ्तार पार्टी को रद्द कर दिया था. दरअसल 1996 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में इफ्तार पार्टी की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद के राष्ट्रपतियों जॉर्ज बुश और बराक ओबामा ने भी जारी रखा. इस इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्यों के साथ ही मुस्लिम देशों के राजनयिक और सीनेटर शामिल होते रहे हैं.  
    साभार आज तक

  • वक्फ बिल के खिलाफ पर्सनल लॉ बोर्ड ने जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की

    नई दिल्ली। मुस्लिमों की बड़ी संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रमजान के आखिरी जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की है। बोर्ड की ओर से देश के सारे मुसलमानों से कहा है कि वे वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ें। ऐसा इस बिल के विरोध के लिए किया जा रहा है। इस संबंध में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक वीडियो जारी किया है तो वहीं ट्वीट करके भी ऐसा करने के लिए कहा है। पिछले दिनों दिल्ली में भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर वक्फ बिल के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था।
    पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े कई मौलवियों ने अपील की है कि अलविदा नमाज में जाएं तो दाईं बांह पर काली पट्टी बांधकर रखें। नमाज के दौरान काली पट्टी बंधी हुई तस्वीरें भी खिंचवाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करें। इससे पहले इस बिल के खिलाफ आम मुसलमानों से राय दर्ज कराने का अभियान भी छेड़ा गया था। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी की ओर से एक लेटर भी इस संबंध में जारी हुआ है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और पटना में हुए मुसलमानों के जोरदार धरने से भाजपा की सहयोगी पार्टियों में हलचल मच गई है। अब 29 मार्च को विजयवाड़ा में भी एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है।
    उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल एक गहरी साजिश है। इसका साफ उद्देश्य यह है कि मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाहों, कब्रिस्तानों और अन्य धार्मिक एवें सामाजिक संस्थानों से बेदखल कर दिया जाए। अगर यह बिल पारित हो गया तो सैकड़ों मस्जिदें, ईदगाहें, मदरसे, कब्रिस्तान और अन्य चैरिटी संस्थाएं हमारे हाथ से निकल जाएंगी। इसलिए देश के हर मुसलमान की यह जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का पुरजोर विरोध करे। देश के तमाम मुसलमानों से बोर्ड अपील करता है कि वे जुमा-तुल-विदा के दिन अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद आएं और अपने दुख एवं आक्रोश का शांतिपूर्ण मौन रखकर प्रदर्शन करें।
    साभार लाइव हिन्दुस्तान

  • NDA ने तय किया फॉर्मूला, बिहार में पार्टी नहीं कैंडिडेट के हिसाब से होगी सीट शेयरिंग

    बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए लगभग सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में जुट गई है। बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेताओं की सांसद संजय जायसवाल के घर एक बैठक हुई। इस बैठक में एनडीए के सभी सांसद शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की।
    जेपी नड्डा ने बैठक में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया, जो एनडीए के सभी सहयोगी दलों के लिए था। उन्होंने पार्टी के नेताओं से एकजुट रहने की अहमियत पर जोर दिया और बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन के टूटते रिश्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि एनडीए की एकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। नड्डा ने कहा, "हम एकजुट हैं तो हम जीत सकते हैं। यदि हम विभाजित होते हैं तो हम गिर सकते हैं। यदि हम एकजुट हैं तो हम आगामी चुनावों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर सकते हैं।"
    बुधवार की इस बैठक को राष्ट्रीय राजधानी में बिहार दिवस समारोहों के एक विस्तार के रूप में देखा जा सकता है। यह केंद्र सरकार की पहल थी, जिसमें बिहार की धरोहर, संस्कृति, भोजन और परंपरा को देश भर में सम्मानित किया गया। आपको बता दें कि बिहार के लोग देशभर में प्रवासी के रूप में फैले हुए हैं।
    आपको यह भी बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के वितरण पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन छोटे दल जैसे जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाला HAM और एलजेपी के चिराग पासवान ने अपनी मांगें उठाई हैं। इस बार सीटों का वितरण अलग तरीके से किया जाएगा।
    कैंडिडेट देखकर सीट शेयरिंग
    न्यूज-18 ने अपनी रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा, "हर बार हम सीटों को देखते हैं और गठबंधन सहयोगियों के बीच बांटते हैं। इस बार हम उम्मीदवारों को देखेंगे और हर एनडीए सहयोगी से कहा जाएगा कि वे हर सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची दें। जीतने की क्षमता ही अंतिम मानदंड होगी।"
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 और 30 मार्च को गोपालगंज में सहकारिता मंत्रालय की बैठक में शामिल होंगे और सभी पीएसी प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गठबंधन द्वारा एजेंडा की आधिकारिक शुरुआत होगा। 29 मार्च को शाह भाजपा नेताओं से एक आंतरिक बैठक करेंगे और अगले दिन एनडीए के सभी साझेदारों से मिलकर चुनावों से पहले साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे।
    साभार लाइव हिन्दुस्तान

  • डोनाल्ड ट्रंप का ने लगाया 25% 'ऑटो टैरिफ', कई दिग्गज भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा असर

    नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर बड़ा टैरिफ बम फोड़ दिया है. ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऐलान किया कि US में इंपोर्ट होने वाली सभी विदेशी कारों पर अब 25% टैरिफ लगाया जाएगा. सबसे बड़ी बात ये कि US President ने अपने बयान में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि ये कोई अस्थायी फैसला नहीं है, बल्कि स्थायी है. अमेरिका के इस फैसले से ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई दिग्गज भारतीय कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है. इसमें Tata Motors से लेकर Mahindra और Eicher Motors तक शामिल हैं. 
    राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑटो आयात पर 25 फीसदी का हाई टैरिफ लगाने का ऐलान करने के साथ ही कहा कि अमेरिका उन सभी कारों पर प्रभावी रूप से ये टैरिफ लगाएगा जो देश में नहीं बनी हैं. हालांकि, अगर आप अपनी कार अमेरिका में बनाते हैं तो उस पर कोई टैरिफ लागू नहीं होगा. नया टैरिफ 2 अप्रैल से लागू होने वाला है और इसकी वसूली भी अगले दिन ही यानी 3 अप्रैल से होनी शुरू हो जाएगी. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इस कदम से अमेरिकी ग्राहकों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं ट्रंप के इस फैसले से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर असर देखने को मिल सकता है. 
    गौरतलब है कि भारत से अमेरिका को कई तरह के वाहन निर्यात किए जाते हैं. भारत से अमेरिका को ऑटोमोबाइल, ट्रक, और मोटरसाइकिल निर्यात किए जाते हैं. इसमें टाटा मोटर्स से लेकर आयशर मोटर्स तक के वाहन शामिल हैं. साल 2023 में, भारत ने US को 37.14 मिलियन डॉलर वैल्यू के मोटर वाहन निर्यात किए गए थे. भारत अब तक विदेशों से आने वाली गाड़ियों पर 100 फीसदी से ज्यादा शुल्क वसूल करता रहा है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं. भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कारों की अगर बात करें, तो इनमें ज्यादातर Sedan और Hachback हैं. 
    साभार आज तक

     

  • राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव को लेकर रातोरात किया बड़ा बदलाव, वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिकता होगी अनिवार्य

    नई दिल्ली.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में व्यापक बदलाव को लेकर कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस नए आदेश के साथ अब चुनाव में वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिकता अनिवार्य होगी. इसका मतलब है कि संघीय चुनाव में वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना जरूरी होगा. लेकिन इस दौरान ट्रंप ने भारत का उदाहरण दिया.
    ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में कहा कि अमेरिका स्वशासन वाला अग्रणी देश होने के बावजूद अमेरिकी चुनाव में बुनियादी और जरूरी सुरक्षा मुहैया कराने में असफल रहा है. उदाहरण के लिए भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए काफी हद तक सेल्फ अटेस्टेशन पर निर्भर है. 
    राष्ट्रपति ट्रंप के नए आदेश के तहत अमेरिका में वोटर रजिस्ट्रेश फॉर्म में संशोधन की बात की गई है. अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा, जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र. राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) को सौंपना होगा.
    ट्रंप के मुताबिक, इस आदेश का मकसद चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है. आदेश के तहत अब वोटर अब संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता के दस्तावेजी प्रमाण के बिना पंजीकरण नहीं करा सकेंगे और सभी मतपत्रों को चुनाव दिवस तक प्राप्त करना आवश्यक होगा. 
    साभार आज तक

  • पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई के छापे, महादेव बेटिंग ऐप घोटाले मामले में दबिश

    रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और भिलाई में सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू की है. एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी शुरू की है. महादेव बेटिंग ऐप मामले में बघेल के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी जारी है. ईडी के बाद सीबीआई ने भी महादेव बेटिंग ऐप मामले में एंट्री की है. इस मामले में हजारों करोड़ की ठगी की गई थी. सीबीआई के अधिकारी सुबह-सुबह भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंच गए. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी करने पहुंची है. इससे पहले ईडी की टीम ने भी इसी समय छापेमारी की थी.
    भूपेश बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अब CBI आई है. आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. उससे पहले ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है."
    महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है. इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी. अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले. इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था.
    दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे. यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे. सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें. 
    पिछले दिनों ईडी ने भूपेश बघेल के आवास पर भारी मात्रा में कैश पाए जाने का दावा किया था. इसकी गिनती के लिए ईडी अधिकारियों ने दो कैश गिनने वाली मशीनें मंगवाई थी. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े एक परिसर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज भी जब्त किए. ये मामला शराब घोटाले से जुड़ा था. 
    साभार आज तक

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